Posts

Showing posts with the label Social Crime

लो एक और दामिनी दफन हुई

Image
लो एक और दामिनी दफन हुई, एक और बेटी हैवानियत का शिकार हुई।  लो एक और बहन लिंग भेद से भस्म हुई, एक और ज्योति पैतृक अहंकार के आगे लुप्त हुई।  तुम फिर भी झुठलाना समाज में जाति लिंग भेद है कोई, तुम फिर भी बतलाना कैसे बदलते समय में समान अधिकार दिए है कोई। यूँ तो खूब विकास बयार बही... पर ये चिकनी चौड़ी सड़कें भी विकृति न ठीक कर सकी।  या फिर तुम दिखलाना समाज के नियम कड़े, जहां सबके बड़े दायरे निर्धारित है सही, या फिर तुम दावे करना कि लड़कियों की है मर्यादाएं कई।  तुम बतलाना उसकी आवाज़ उसका अस्तित्व ही है बाधा बड़ी। सफेद पोश तुम शासन प्रशासन पर करना खींच तनी, पक्ष विपक्ष के खेमों में बंध विवाद करना अभी।   जय भीम या नारीवाद का परचम लहराने का मौका है यही।  उसे अबला कहना और बहस में बातें रखना बड़ी बड़ी।  पर राह चलते स्त्री भक्षण और जातिगत गालियां तुमको सामान्य लगी, खुद के आंगन में बेटे को गाड़ी बंदूक, बेटी को गुड़िया देते न दिखा भेद कोई।  जहां बीवी पराये घर से लाई सेवक भर रही,  यूँ ही, कन्या भ्रूण हत्या और दहेज की मांगें घरेलू बातें भर रही।  ऐसे ही,...

समाज का आडम्बर – नारी पर पहला वार

Image
Email - khyati.khush@gmail.com उसकी चीखों पर सन्नाटा, और ख़ामोशी पर शोर है| उसके चिथड़ों में फैले समाज के आडम्बरों का ढेर है| ऐसे तो हर युग में नारी की अस्मिता को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, परन्तु धर्म अधर्म की परिभाषाएं समाज में स्पष्ट रही है| पर आज समाज आडम्बर की मोटी चादर ओढ़ नारी के चीर हरण का न केवल तमाशबीन बल्कि उपहास करता है| रेप जैसा जघन्य अपराध मीडिया की टीआरपी और बुद्धिजीवी वर्ग के लिए भोजन मात्र बनता जा रहा है| आज़ाद भारत में नेशनल क्राइम ब्यूरो हर वर्ष रेप का आकड़े प्रकाशित करता है| रेप की खिलाफ आन्दोलनों का स्वतंत्र भारत में लम्बा इतिहास रहा है| भारत में रेप के खिलाफ आंदोलनों का इतिहास  वर्ष 1978-80 में जब समाज के रक्षकों के भक्षक बन हैदराबाद की रामीज़ा बी और महाराष्ट्र की 16वर्षीय मथुरा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया तो पूरा देश उबलने लगा| चुकीं इन दोनों मसलों में पुलिस के कर्मचारी ही अपराधी रहे, देश में सरकार के खिलाफ इतना भयंकर प्रदर्शन हुआ की थल सेना की सहायता लेनी पड़ी| ये पहली बार था की उच्चतम न्यायलय से लेकर संसद तक रेप के खिलाफ सख्त कानू...